महात्मा गांधी



महात्मा गांधी का जीवन परिचय:


जन्म: 2 अक्टूबर 1869, पोरबंदर, गुजरात


पूरा नाम: मोहनदास करमचंद गांधी


पिता: करमचंद गांधी


माता: पुतलीबाई


शिक्षा: इंग्लैंड में बैरिस्टर की पढ़ाई (लंदन)


दक्षिण अफ्रीका प्रवास: दक्षिण अफ्रीका में 1893-1915 के बीच रहे, जहां उन्होंने नस्लभेद के खिलाफ संघर्ष किया।


भारत लौटना: 1915 में भारत लौटे और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हुए।



गांधीजी के प्रमुख आंदोलन:


1. चंपारण सत्याग्रह (1917):


स्थान: बिहार


कारण: नील की खेती करने वाले किसानों का शोषण।


परिणाम: गांधीजी की विजय और किसानों के हक में फैसला।




2. अहमदाबाद मिल मज़दूर सत्याग्रह (1918):


गांधीजी ने मिल मजदूरों की वेतन वृद्धि के लिए संघर्ष किया।




3. खिलाफत आंदोलन (1919-1924):


मुसलमानों के खिलाफ हुए तुर्की के खलीफा को हटाए जाने के खिलाफ भारतीय मुसलमानों के समर्थन में गांधीजी ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया।




4. असहयोग आंदोलन (1920-1922):


उद्देश्य: ब्रिटिश शासन से असहयोग और स्वराज की मांग।


आंदोलन के रूप: विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार, सरकारी नौकरियों से इस्तीफा, स्कूल और कॉलेजों का बहिष्कार।




5. दांडी यात्रा/नमक सत्याग्रह (1930):


गांधीजी ने नमक कानून का उल्लंघन करते हुए दांडी की यात्रा की, जो भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का एक प्रमुख मोड़ था।




6. भारत छोड़ो आंदोलन (1942):


नारा: "करो या मरो"।


उद्देश्य: अंग्रेजों से तत्काल भारत छोड़ने की मांग।


इस आंदोलन के कारण गांधीजी और कई अन्य नेताओं को जेल भेजा गया।





गांधीजी के सिद्धांत:


1. अहिंसा (Non-violence): गांधीजी ने हर संघर्ष को अहिंसक रूप में लड़ने पर बल दिया।



2. सत्य (Truth): सत्य गांधीजी की विचारधारा का मुख्य तत्व था। वे मानते थे कि सत्य की जीत हमेशा होती है।



3. सत्याग्रह (Satyagraha): अन्याय के खिलाफ अहिंसक प्रतिरोध, जहां सत्य और अहिंसा के माध्यम से संघर्ष किया जाता है।



4. स्वराज (Self-rule): गांधीजी का मानना था कि भारत को अंग्रेजों से आजादी के साथ आत्मनिर्भर भी बनना चाहिए। इसके लिए उन्होंने ग्रामीण विकास और स्वदेशी को बढ़ावा दिया।




गांधीजी की मृत्यु:


30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे द्वारा गांधीजी की हत्या कर दी गई।



निष्कर्ष:


महात्मा गांधी ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में प्रमुख भूमिका निभाई। उनकी विचार

धारा, सत्य और अहिंसा पर आधारित थी, जिसने न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया को प्रभावित किया।


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